Thursday , 18 October 2018
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    आयुष्मान की दरों में गुणवत्तापूर्ण इलाज करना संभव नहीं: IMA

    आयुष्मान की दरों में गुणवत्तापूर्ण इलाज करना संभव नहीं: IMA

    रायपुर। प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना का संचालन विवादों में घिरा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 सितंबर को इसकी लांचिंग की और इसी दिन से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) और हॉस्पिटल बोर्ड विरोध में उतर आया है। इन्होंने पूर्व में अस्पतालों द्वारा किए गए इलाज के क्लेम की संपूर्ण राशि का भुगतान न किए जाने, ‘आयुष्मान’ में इलाज का पैकेज कम होने जैसे प्रमुख मुद्दे उठाए हैं।

    मांगें स्वास्थ्य विभाग के समक्ष रखीं, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है। रविवार को प्रदेशभर के आइएमए पदाधिकारी, अस्पताल संचालक रायपुर में जुटे। आइएमए के बैनर तले बैठक हुई।

    निर्णय लिया गया कि जब तक पुराना पूरा बकाया नहीं मिलेगा, इलाज शुरू नहीं करेंगे। आयुष्मान की दरों में गुणवत्तापूर्ण इलाज कर पाना संभव नहीं है। मरीजों के साथ धोखाधड़ी नहीं की जा सकती। बताया जा रहा है कि मेडिसिन, पीडियाट्रिक की दरें बहुत कम हैं।

    रायपुर में हुई बैठक की जानकारी सभी जिला इकाइयों को भेज दी गई। इस अनुरोध के साथ कि कोई इलाज शुरू न करे। बैठक में आइएमए अध्यक्ष डॉ. अशोक त्रिपाठी, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. ललित शाह, डॉ. संदीप दवे, डॉ. राकेश गुप्ता, डॉ. अनिल जैन, डॉ. सुनील खेमका, डॉ. मोहन पाठक, डॉ. पवन जेठानी, डॉ. प्रदीप जैन, डॉ. पवन अग्रवाल और डॉ. बीआर पटेल समेत 70 से अधिक पदाधिकारी विभिन्न जिलों से बैठक में शामिल हुए।

    जिला स्तर पर होने वाली बैठक का बहिष्कार

    आइएमए की बैठक में यह तय हुआ कि सोमवार को राज्यभर में जिला स्तर पर होने वाली शिकायत निवारण समितियों की बैठक का बहिष्कार किया जाएगा। पूर्व में हुई समिति की बैठक में पुनर्जीवित केस की सूची देने में राज्य नोडल एजेंसी असफल हुई।

    आज स्वास्थ्य विभाग करेगा सुनवाई

    आरएसबीवाई और एमएसबीवाई के तहत अस्पतालों के क्लेम की राशि अप्रैल से जारी नहीं हुई है। आइएमए के दबाव में जो जारी हुई वह आधी भी नहीं। अब अस्पतालों की समस्याओं पर स्वास्थ्य विभाग सोमवार को सुनवाई करेगा। समस्या सुनी जाएंगी। अब देखना यह है कि क्या अस्पताल संचालक विभागीय फैसले से संतुष्ट होंगे।

    सिर्फ आश्वासन मिला था

    आइएमए और हॉस्पिटल बोर्ड के लगभग सभी सदस्य पहले ही आयुष्मान भारत योजना के तहत सेवाएं नहीं दे रहे हैं। हमने पहले दिन जो मत रखा, उस पर विभाग ने सिर्फ आश्वासन दिया। गुणवत्तापूर्ण इलाज तभी संभव है जब पैकेज दरें मानकों पर होंगी।

     

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