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    कठुआ गैंगरेप: राहुल ने आधी रात को इंडिया गेट पर निकाला कैंडल मार्च, साढ़े पांच साल बाद निर्भया केस जैसा विरोध

    कठुआ गैंगरेप: राहुल ने आधी रात को इंडिया गेट पर निकाला कैंडल मार्च, साढ़े पांच साल बाद निर्भया केस जैसा विरोध

    नई दिल्ली.कठुआ में 8 साल की बच्ची से दरिंदगी और उन्नाव में दुष्कर्म की घटनाओं के विरोध में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इंडिया गेट पर आधी रात को कैंडल मार्च निकाला। इस प्रदर्शन में प्रियंका वाड्रा, रावर्ट वाड्रा समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता-कार्यकर्ता और आम लोग शामिल हुए। राहुल ने कहा कि यह मार्च राजनीति करने के लिए नहीं है, यह देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों को रोकने के लिए है। सरकार ऐसे मामलों में कुछ नहीं कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को महिलाओं को बचाने के लिए तुरंत काम शुरू करना चाहिए।

    राहुल को पुलिस ने रोका, लेकिन वे घेरा तोड़कर आगे बढ़ गए

    – राहुल गांधी ने रात 9:39 पर ट्वीट किया- आधी रात को इंडिया गेट चलो। वे खुद रात 11.55 बजे मानसिंह रोड पर मार्च में शामिल हुए। 12 बजे इंडिया गेट पहुंचे।

    – पुलिस ने राहुल को रोकने की कोशिश की लेकिन वे घेरा तोड़कर इंडिया गेट की तरफ बढ़ गए। इसके बाद वे कुछ देर रुके और कार्यकताओं के साथ जमीन पर बैठ गए।

    प्रियंका, पति और बच्चों के साथ पहुंचीं

    – राहुल के साथ प्रियंका, रॉबर्ट वाड्रा और उनके बच्चे भी थे। मौके पर ही पार्टी के कई बड़े नेता भी पहुंचे थे। इससे पहले से ही सैकड़ों की संख्या में आम लोग, कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक भी इस मार्च में हिस्सा लेने मौजूद थे। रात करीब एक बजे राहुल वहां से लौट गए।

    – इस मार्च में अशोक गहलोत, अहमद पटेल, अंबिका सोनी, दिग्विजय सिंह, रणदीप सिंह सूरजेवाला, आरपीएन सिंह अौर गुलाम नबी आजाद समेत कई कांग्रेस लीडर शामिल हुए।

    इंडिया गेट पर निर्भया कांड जैसा मंजर

    – राहुल के इंडिया गेट पहुंचने से पहले ही दि‍ल्ली के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां पहुंचने लगे थे। कई लोग अपने बच्चों को भी साथ लेकर पहुंचे थे।

    – इंडिया गेट पर इतनी भीड़ दिखी कि 2012 में हुए निर्भया कांड की भी याद ताजा हो गई। वक्त भी इंडिया गेट पर लोग ऐसे ही इकट्ठा हुए थे। हालांकि, तब सत्ता में कांग्रेस थी और अब भाजपा है।

    – इस मार्च में निर्भया के माता-पिता भी शामिल हुए।

    बेटी बचाओ का नारा निभाए भाजपा

    – यहां जुटे लोगों का कहना था कि भाजपा अगर बेटी बचाओ का नारा देती है तो उसे इस नारे को निभाना भी चाहिए।

    – तीसरी क्लास की एक छात्रा ने कहा- “मैं यहां आसिफा के साथ न्याय की मांग के लिए अाई हूं।”

    क्या कहा राहुल गांधी ने?

    – राहुल ने कहा, “हम चाहते हैं कि सरकार इस पर कार्रवाई करे। आज हिंदुस्तान की महिलाओं को बाहर निकलने से डर लग रहा है। जहां भी हम देखते हैं, कहीं-न-कहीं, कभी बच्ची को कभी महिला को मारा जाता है। रेप किया जाता है। और हम चाहते हैं कि सरकार इस मामले को रिसॉल्व करे। हिंदुस्तान की महिला शांति से सड़क पर उतरकर अपनी जिंदगी शांति से जी सके।”

    – “यह राजनीतिक नहीं, राष्ट्रीय मसला है। ये हमारी महिलाओं का मामला है। यहां पर सब पार्टी के लोग खड़े हैं। आम जनता और महिलाएं भी खड़ी हैं। हजारों लोग खड़े हैं। मेरा सिर्फ ये कहना है कि देश में जो हालात हैं। महिलाओं के खिलाफ जो अत्याचार हो रहे हैं। सरकार को उसके बारे में कुछ करना चाहिए।”

    प्रियंका के साथ हुई धक्का-मुक्की

    – मार्च के दौरान प्रियंका वाड्रा के साथ धक्का-मुक्की हुई। उन्होंने लोगों से कहा- आप लोगों को पता है आप यहां आए हैं। हम यहां शांतिपूर्वक मार्च निकाल रहे हैं। अगर इस तरह का काम करना है तो घर लौट जाइए।

    कार की छत पर बैठकर लौटे राहुल

    – मार्च खत्म होने के बाद भी इतनी भीड़ थी कि राहुल कार में नहीं बैठ पा रहे थे। एसपीजी को उन्हें कार की छत पर बैठाकर ले जाना पड़ा।

    ये मानवता के खिलाफ अपराध- राहुल

    – इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, “ऐसे शैतान अपराधियों को कोई कैसे बचा सकता है। बच्चे के साथ हिंसा, मानवता के खिलाफ अपराध है। सजा जरूर मिलनी चाहिए। अगर एक बच्चे के खिलाफ ऐसी हैवानियत में भी राजनीति को दखल देने देंगे तो हम क्या कहलाएंगे?”

    – कपिल सिब्बल ने कहा, “प्रधानमंत्री जी आप क्या संदेश देना चाहते हैं, बेटी बचाओ का या फिर बेटी छिपाओ का? प्रधानमंत्री उन्नाव और कठुआ में बलात्कार के मामलों पर चुप हैं। वे रेप की घटनाओं के खिलाफ उपवास क्यों नहीं रखते हैं? वे लोगों को क्यों नहीं बताते कि इन घटनाओं से उन्हें बुरा महसूस हो रहा है और इसलिए वे उपवास रख रहे हैं।”

    बॉलीवुड सेलेब्स ने जताई घटना पर नाराजगी

    जावेद अख्तर:जो लोग महिलाओं के लिए न्याय की बात करते हैं, वो कठुआ और उन्नाव रेप केस के आरोपियों और उन्हें बचाने वालों खिलाफ खड़े हों।

    टिस्का चोपड़ा:अगर सरकारों ने इस मामले में कड़ा कदम नहीं उठाया तो कम से कम मैं अगले चुनाव में उन्हें वोट नहीं दूंगी।

    फरहान अख्तर: नशीली दवाएं खिलाए जाने, बंधक बनाने और रेप करने के दौरान उस 8 साल की बच्ची पर क्या गुजर रही होगी। अगर आप उसका भय महसूस नहीं कर सकते हैं तो आप इंसान नहीं हैं।

    तमन्ना भाटिया:ये देश कहां जा रहा है? कितनी निर्भयाओं को बलिदान देना होगा, तब सुधार होंगे? जो देश अपनी महिलाओं की रक्षा नहीं कर सकता है, उसकी सोच दकियानूसी है और उसे इलाज की जरूरत है।

    रेणुका शहाणे: पीड़ित का धर्म और रेप करने वाले का धर्म मायने नहीं रखता। रेप मानवता के खिलाफ अपराध है। भयभीत हूं कि कुछ लोग रेप करने वालों का सपोर्ट कर रहे हैं। मानवता की आत्मा को शांति मिले।

    रिचा चड्ढा: पुरुष नवरात्रि के उपवास रखते हैं और देवी मां की पूजा करते हैं, इसके बावजूद ये लोग उस शख्स को बचाते हैं जो मंदिर के भीतर एक बच्ची का रेप और मर्डर की साजिश रचता है।

    पुलिस ने चार्जशीट में क्या कहा?

    समुदाय विशेष को हटाने की साजिश:कठुआ में जनवरी में 8 साल की बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसकी हत्या की वारदात बकरवाल समुदाय को इलाके से हटाने की साजिश थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने 8 आरोपियों के खिलाफ दायर 2 चार्जशीट में यह दावा किया।

    मंदिर का सेवादार मुख्य साजिशकर्ता:फॉरेंसिक जांच में साबित हो चुका है कि हत्या से पहले बच्ची को एक हफ्ते तक देवीस्थान में प्रताड़ित किया गया। पुलिस ने कठुआ स्थित रासना गांव में देवीस्थान के सेवादार सांझी राम को अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का मुख्य साजिशकर्ता बताया है। उसके साथ कुल 8 लोग गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें से कुछ हिंदू एकता मंच से भी जुड़े हैं।

    नशीली दवा देकर किया दुष्कर्म:जम्मू-कश्मीर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सीजेएम कोर्ट में 8 आरोपियों के खिलाफ 2 अलग-अलग चार्जशीट दायर की हैं। इसमें कहा गया कि बच्ची को मंदिर में भूखा-प्यासा रखा गया। मंदिर का संचालन सेवादार साझीराम करता है। बच्ची को खाली पेट नशीली दवाएं दी गईं और यहीं पर उसके साथ 6 लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया।

    जांच अधिकारी ने सबूत मिटाए:चार्जशीट में हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज और एसआई आनंद दत्त भी नामजद हैं। इन पर सांझीराम से 4 लाख रुपए लेकर सबूत मिटाने का आरोप है। किशोर की भूमिका को लेकर अलग चार्जशीट दाखिल की गई हैं। इसमें कहा गया है कि बच्ची का शव मिलने से पहले 11 जनवरी को किशोर ने अपने चचेरे भाई जंगोत्रा को मेरठ से लौटने को कहा था।

    घोड़े चराने जंगल गई थी बच्ची: बच्ची घोड़े चराने के लिए जंगल गई थी। आरोपियों ने घोड़े ढूंढने में मदद के बहाने उसे अगवा कर लिया। अगले दिन माता-पिता सांझीराम से पूछताछ करने मंदिर भी गए। उसने कहा कि बच्ची किसी रिश्तेदार के घर गई होगी।

    हत्या से पहले पुलिसकर्मी ने किया रेप: एक पुलिसकर्मी खजूरिया ने किशोर को बच्ची के अपहरण के लिए लालच दिया था। उसे बोर्ड परीक्षा में नकल में मदद का भरोसा भी दिलाया था। किशोर ने परवेश से इस योजना में मदद मांगी। सांझीराम के निर्देश पर बच्ची को मंदिर से हटाया गया। मन्नू, जंगोत्रा और किशोर बच्ची को जंगल ले गए। हत्या से पहले पुलिसकर्मी खजूरिया ने बच्ची से रेप किया और फिर इसके बाद किशोर ने बच्ची की हत्या कर दी।

    वकील बोले- हमें बदनाम किया जा रहा है

    – जम्मू-कश्मीर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएस सलाथिया ने कहा, “वकीलों को बदनाम किया जा रहा है। ऐसा राज्य में सांप्रदायिकता फैलाने के लिए किया जा रहा है। हम सिर्फ इतना कह रहे हैं कि केस को सीबीआई को सौंप दिया जाए। क्या कोई ये कहता है कि सीबीआई सांप्रदायिक है। क्राइम ब्रांच कश्मीर घाटी से एक अफसर को लाई है, जबकि महकमे के पास पर्याप्त अधिकारी हैं। इस अफसर पर पहले ही रेप और मर्डर के आरोप लग चुके हैं। ऐसा अफसर अगर जांच में शामिल रहेगा तो जांच प्रक्रिया पर ही सवालिया निशान लग जाएगा। इस केस में न सिर्फ न्याय होना चाहिए, बल्कि वास्तव में ऐसा लगना चाहिए कि न्याय हुआ।

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