Saturday , 15 December 2018
पाठक संख्याhit counter
    BREAKING NEWS
    खेल मंत्री से मिले बजरंग, अनुकूल जवाब नहीं मिलने पर करेंगे अदालत का रुख

    खेल मंत्री से मिले बजरंग, अनुकूल जवाब नहीं मिलने पर करेंगे अदालत का रुख

    नई दिल्ली। राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार नहीं मिलने से निराश स्टार पहलवान बजरंग पूनिया ने खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर के साथ मुलाकात की और कहा कि उन्हें भरोसा है कि उनके मामले पर विचार किया जाएगा। बजरंग ने कहा, ‘मुझे आज (शुक्रवार को) खेल मंत्री से मिलना था, लेकिन अचानक ही हमें कल (गुरुवार को) शाम मुलाकात के लिए फोन आ गया। मैंने खेल मंत्री से पूछा कि खेल रत्न के लिए मेरे नाम पर विचार नहीं करने का क्या कारण था। उन्होंने कहा कि मेरे इतने अंक नहीं थे, लेकिन यह बात गलत है। मैंने नामांकित किए गए दो अन्य खिलाड़ियों (विराट कोहली और मीराबाई चानू) से ज्यादा अंक जुटाए हैं।’

    24 साल के पहलवान बजरंग ने कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक अपने नाम किए थे। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें शाम तक अनुकूल जवाब नहीं मिलता है तो उन्हें न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। बजरंग के साथ खेल मंत्री से मिलने उनके मेंटर और ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त भी गए थे।

    बजरंग ने कहा, ‘मेरे साथ गलत हुआ है। मुझे न्याय चाहिए। मंत्री ने कहा कि वह इस मामले को देखेंगे, लेकिन पुरस्कार समारोह के लिए इतना कम समय बचा है। मैं सरकार की ओर से जवाब के लिए शाम तक इंतजार करूंगा। अगर मुझे शाम तक अनुकूल जवाब नहीं मिलता है तो मैं कल (शनिवार को) अदालत का दरवाजा खटखटाऊंगा।’

    गोल्ड कोस्ट और जकार्ता में स्वर्ण पदकों के अलावा बजरंग ने 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में भी रजत पदक जीते थे। उन्होंने 2013 विश्व चैंपियनशिप में भी कांस्य पदक जीता था, लेकिन इस प्रदर्शन को अंक प्रणाली में शामिल नहीं किया गया, क्योंकि अंक प्रणाली 2014 में ही शुरू हुई थी। इसके अलावा चयन समिति के संदर्भ की शर्तों के अनुसार समिति अपने आप सर्वाधिक अंक हासिल करने वाले खिलाड़ियों के नाम की सिफारिश राजीव गांधी खेल रत्न के लिए नहीं कर सकती लेकिन, कुछ विशेष खेलों में पुरस्कार की सिफारिश सर्वाधिक कुल अंक जुटाने वाले खिलाड़ियों के लिए की जा सकती है।

    खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा कि अंतिम समय में इस सूची में नाम शामिल करने की संभावना नहीं है। सूत्र ने कहा, ‘मंत्री ने बजरंग से मुलाकात की और वह उनकी शिकायत सुनना चाहते थे। उन्होंने बजरंग को बताया कि उनके नाम पर विचार क्यों नहीं किया गया। हालांकि, उन्होंने बजरंग से वादा किया कि है वह इस मामले को देखेंगे, लेकिन पुरस्कार सूची में किसी बदलाव की संभावना कम है।’ एशियन गेम्स के दौरान तारीखों के टकराव की वजह से इस बार राष्ट्रीय खेल पुरस्कार मेजर ध्यान चंद के जन्मदिवस 29 अगस्त की जगह 25 सितंबर को दिए जाएंगे।

     

    About jap24news