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    जज लोया की मौत पर उठे सवाल आधारहीन थे, कांग्रेस और विपक्ष ने मुझे टारगेट किया: अमित शाह

    जज लोया की मौत पर उठे सवाल आधारहीन थे, कांग्रेस और विपक्ष ने मुझे टारगेट किया: अमित शाह

    नई दिल्ली.गुजरात के सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर केस की सुनवाई कर रहे सीबीआई कोर्ट के जज बीएच लोया की मौत के मामले में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा कि इस केस में पूरी तरह से बेबुनियाद आरोप लगाकर मुझे टारगेट किया गया। अब देश की सर्वोच्च अदालत ने फैसला दिया है, कांग्रेस उसे भी तो माने। क्या राहुल गांधी न्यायालय को कांग्रेस कार्यालय में ही बैठाना चाहते हैं? राजनीति की लड़ाई को जनता के बीच लड़ा जाए। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने गुरुवार को फैसले में कहा था कि जज लोया की मौत प्राकृतिक थी और राजनीतिक साजिश के तहत जांच के लिए याचिकाएं लगाई गईं।

    कांग्रेस न्यायपालिका का सम्मान करे

    – अमित शाह ने रिपब्लिक चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, ”जज लोया केस आधारहीन था। इसमें कुछ लोगों ने गंभीर आरोप लगाए। न्यायपालिका, सरकार और मुझ पर भी आरोप लगे। सुप्रीम कोर्ट ने 10 दिन तक इस मामले पर सुनवाई की। अब तीन जजों की बेंच ने यह फैसला दिया है। देश की जनता देख रही है। कांग्रेस किसी फैसले को तो मानेगी।”
    – ”उन्होंने पहले गलत आरोप लगाकर एक आर्टिकल लिखवाया। फिर जज को बदलने का दवाब बनाया। कोर्ट ने सुनवाई के लिए बड़ी बेंच बनाई। अब उसके फैसले को नहीं मानते हैं तो क्या न्यायालय को कांग्रेस कार्यालय में ही बैठाना है क्या? न्यायपालिका के फैसले का सम्मान करना चाहिए। इसके लिए संविधान के तहत अपील करें।”

    इशरत केस में भी मुझे टारगेट किया: शाह

    – इशरत जहां केस पर अमित शाह ने कहा, ”इस केस में भी कानूनी तौर पर जांच के बाद ही फैसला सुनाया गया। मुझे क्लीन चिट मिली। राहुल गांधी से पूछा जाए कि कांग्रेस राजनीति की लड़ाई जनता के बीच और चुनाव में क्यों नहीं लड़ती। मैं उनसे कहता हूं कि जनता के बीच लड़ाई लड़ें। इसमें नेता और पार्टियां अपनी बात रखती हैं और बाद में वही जनता चुनाव हराती या जीताती है। इन केसों में मुझे सीधे तौर पर टारगेट किया गया।”

    सीजेआई समेत 3 जजों की बेंच ने दिया फैसला

    – 19 अप्रैल को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने जज लोया की मौत को प्राकृतिक करार दिया। एसआईटी से जांच की मांग कराने के लिए दायर सभी याचिकाएं खारिज कर दीं।

    – सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा था कि जज की मौत पर सवाल उठाए गए, लेकिन दस्तावेजों को देखने के बाद इनमें कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई। याचिकाएं दायर करने के पीछे राजनीतिक कारण हो सकते हैं।

    जज लोया की मौत की जांच नहीं कराई गई

    – कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने फैसले पर कहा था, ”आज भारत के इतिहास का सबसे दुखद दिन है। जिन संदिग्ध हालात में जज लोया की मौत हुई। यह न्याय व्यवस्था में भरोसा रखने वाले नागरिकों के लिए परेशान करने वाली बात है। अब तक फैसले की कॉपी तक मुहैया नहीं कराई गई। इससे गंभीर सवाल खड़े होते हैं।”
    – सुरजेवाला ने कहा कि अपराध से जुड़े किसी भी मामले में पहले जांच कराई जाती है। लेकिन सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर केस की सुनवाई कर रहे जज की मौत के मामले में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।

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