Saturday , 17 November 2018
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    जिन्हें ढूंढने के लिए पुलिस छान रही थी जंगलों की खाक, वो बड़ी फिरौती देकर ऐसे छूटे

    जिन्हें ढूंढने के लिए पुलिस छान रही थी जंगलों की खाक, वो बड़ी फिरौती देकर ऐसे छूटे

    सतना। तीन दिन पहले चित्रकूट की बगदरा घाटी से अगवा हुए रिटायर्ड एसडीओ रामाश्रय पांडेय, क्लर्क और ड्राइवर डकैत के चंगुल से छूट गए हैं। ये तीनों लोग आज तड़के तीन बजे अपने घर पहुंचे। तबीयत खराब होने की वजह से इन तीनों को रीवा के अस्पताल लाया गया है, जहां इनका इलाज चल रहा है।

    इस पूरे अपहरण कांड में पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्योंकि ऐसी जानकारी सामने आ रही है कि फिरौती की रकम देने के बाद ही ये तीनों डकैतों के चंगुल से आजाद हुए हैं। डकैत बबली कोल ने कल अपहृताओं के परिजनों से 15 मिनट मोबाइल पर बात की, इसके बाद फिरौती की रकम तय हुई और सूत्रों की मानें तो 12 लाख रुपए देने के बाद ये तीनों छूटे हैं।

    तीन दिन पहले जब रिटायर्ड एसडीओ चित्रकूट के जानकीकुंड अस्पताल से आंख का इलाज कराकर वापस लौट रहे थे। इसी बीच जब उनकी कार बगदरा घाटी इलाके में पहुंचीं तो हथियारबंद डकैतों ने उनकी कार को रोक लिया और फिर तीनों को अगवा करके जंगल ले गए। इनको अगवा करने के बाद डकैत लवकेश कोल ने इनके घरवालों को फोन लगाया और पचास लाख की फिरौती मांगी। रिटायर्ड एसडीओ के अगवा होने की जानकारी लगते ही पुलिस हरकत में आई और एमपी-यूपी पुलिस ने तराई क्षेत्र के जंगलों में पूरी ताकत झोंक दी है।

    रीवा रेंज के आईजी उमेश जोगा, डीआई अविनाश शर्मा व पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह गौर खुद मौके पर डेरा डाले हुए थे। पिछले तीन दिनों से लगातार जंगलों में सर्चिंग की जा रही थी। इसके लिए यूपी पुलिस की भी मदद ली जा रही थी। लेकिन डकैत बबली कोल का राइट हैंड लवलेश पुलिस की पकड़ में नहीं आ रहा था। ऐसे में तेजी से दिन गुजर रहे थे। इससे घबराए घरवालों ने डकैतों से संपर्क साधा और फिर फिरौती की रकम को लेकर समझौता हुआ। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक डकैतों ने पहले पचास लाख की फिरौती मांगी थी, लेकिन समझौते के बाद अगवा एसडीओ और दो अन्य लोगों को छोड़ने के लिए 12 लाख की फिरौती फाइनल हुई। इसके बाद ये तीनों सकुशल अपने घर पहुंचे हैं।

    इस अपरहण कांड में पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि कई थानों का पुलिस बल लगाने और यूपी पुलिस की मदद लेने के बाद भी प्रदेश की पुलिस रिटायर्ड एसडीओ को डकैत लवलेश कोल के चंगुल से नहीं छुड़ा पाई। वो भी तब जब आचार संहिता लगने के बाद से ही इलाके में शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए पुलिस लगातार जंगलों में सर्चिंग अभियान चला रही है। ऐसे में पुलिस के लिए ये बड़ी नाकामी है।

    बगदरा घाटी में है डकैत बबली कोल का खौफ

    रिटायर्ड एसडीओ को कुख्यात डकैत बबली कोल के राइड हैंड लवलेश कोल ने अगवा किया था। लवलेश कोल का इलाके में बहुत खौफ है। उस पर एमपी पुलिस ने एक लाख का इनाम घोषित कर रहा है। वहीं बबली कोल पांच लाख का इनामी डकैत है और बगदरा घाटी से अपना खौफ का खेल चला रहा है। पुलिस ने इन्हें पकड़ने की कई बार कोशिश की है, लेकिन अब तक वो हाथ नहीं आए हैं और इस बीच तीन लोगों को अगवा करके उन्होंने एक बार फिर पुलिस को खुली चुनौती दी है।

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