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    दिल्ली में मार्च के बाद राहुल गांधी ने दी सांकेतिक गिरफ्तारी

    दिल्ली में मार्च के बाद राहुल गांधी ने दी सांकेतिक गिरफ्तारी

    नई दिल्ली। सीबीआई में जारी विवाद अब मैदान में आ गया है। इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश में कांग्रेस आज देशभर में स्थित सीबीआई मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर रही है। इसी कड़ी में दिल्ली स्थित मुख्यालय पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

    राजधानी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकाला और सीबीआई मुख्यालय पहुंचे। हालांकि, उन्हें मुख्यालय में नहीं जाने दिया गया। इसके बाद उन्होंने सांकेतिक गिरफ्तारी दी है और लोधी रोड़ स्थित पुलिस थाने गए हैं।

    उनके अलावा पार्टी के कई अन्य कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। राहुल के साथ मार्च में कांग्रेस नेता अशोक गहलोत, जदयू नेता शरद यादव और डी राजा समेत कई बड़े नेता पहुंचे हैं। केवल दिल्ली नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी कांग्रेस का प्रदर्शन हो रहा है।

    लखनऊ में कांग्रेस के प्रदर्शन की कमांड राज बब्बर ने संभाल रखी है वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिहार और कर्नाटक में भी सीबीआई मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया है।

    पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी दिल्ली में सीबीआई मुख्यालय पर धरना देंगे। वहीं, कांग्रेस के इस प्रदर्शन को टीएमसी का साथ भी मिल गया है। टीएमसी ने इस प्रदर्शन में कांग्रेस का साथ देने का एलान किया है। इन प्रदर्शनों को देखते हुए सीबीआई दफ्तरों के बाहर सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गई है।

    गौरतलब है कि देश की अहम जांच एजेंसी सीबीआई में घमासान छिड़ा हुआ है। एजेंसी के दो बड़े अफसर, डायरेक्टर आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने एक दूसरे पर रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों ने ये एक-दूसरे पर ये आरोप एक ही मामले में लगाए हैं।

    सीबीआई ने स्पेशल डायरेक्टर अस्थाना के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए अस्थाना ने दिल्ली हाईकोर्ट की शरण ली है। वहीं, मामला बढ़ता देख पीएम मोदी ने दोनों अफसरों को तलब किया लेकिन बताया जाता है कि कोई हल नहीं निकला। जिसके बाद सरकार का कहना है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने के लिए उसने दोनों अफसरों को छुट्टी पर भेज दिया है।

    डायरेक्टर आलोक वर्मा ने सरकार के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और आरोप लगाया है कि सरकार कुछ हाई प्रोफाइल मामलों की जांच से घबरा गई है, जबकि जरूरी नहीं कि जांच की दिशा वो हो जो सरकार चाहे। विपक्ष का भी सीबीआई डायरेक्टर पर हुए इस एक्शन का राफेल कनेक्शन जोड़ने में जुटा है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार ने वर्मा को इसीलिए हटाया क्योंकि वे राफेल सौदे की जांच शुरू करने वाले थे।

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