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    दिल्ली सुनेगी ‘बंटी-बबली’ की दहाड़, CG को बदले में मिलेंगे 50 काले हिरण

    दिल्ली सुनेगी ‘बंटी-बबली’ की दहाड़, CG को बदले में मिलेंगे 50 काले हिरण

    रायपुर। देश की राजधानी दिल्ली के पर्यटकों को अब छत्तीसगढ़ के पैंथर बंटी और बबली की दहाड़ सुनाई देगी। बंटी और बबली की जोड़ी अपने साथियों से अलग हो गई है, क्योंकि दिल्ली के नेशनल जुलॉजिकल एथॉर्टी द्वारा नेशनल जू एथॉर्टी से प्रदेश के बंटी और बबली की मांग की गई थी।

    प्रदेश में पैंथर की संख्या अधिक होने से वन प्रबंधन द्वारा बंटी और बबली को नेशनल जुलॉजिकल एथॉर्टी को सौंप दिया गया है। जुलॉजिकल एथॉर्टी ने उसके बदले में प्रदेश को पचास काले हिरण दिए हैं। वन प्रबंधन द्वारा काले हिरण को महासमुंद स्थित बार नवापारा में शिफ्ट किया गया है।

    वन प्रबंधन का कहना है कि प्रदेश में पैंथरों की संख्या बेहतर है, इसलिए देने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई। गौरतलब है कि जंगल सफारी रायपुर शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर नई राजधानी में बना एशिया का सबसे बड़ा मानव निर्मित जंगल है।

    800 एकड़ में फैले जंगल सफारी में जानवरों को खुले में विचरण करते पर्यटक आसानी से देख सकते हैं। इस जंगल सफारी की शुरुआत छह नवंबर 2016 को हुई है। यहां सात रायल बंगाल टाइगर हैं। इसमें चार नर और तीन मादा टाइगर हैं।

    रायल बंगाल टाइगर विश्व में पाई जाने वाली बाघ की सात किस्मों में से एक है। इसके साथ ही जंगल सफारी और नंदनवन मिलाकर कुल 11 पैंथर थे, जिसमें पांच पैंथर जंगल सफारी तथा चार नंदनवन है और बंटी बबली के जोड़े को दिल्ली में भेजा जा चुका है।

    चार साल के हैं बंटी और बबली

    वन प्रबंधन ने बताया कि बंटी और बबली को जब नंदनवन में लाया गया था तो बंटी चार माह का था और बबली ढाई माह की थी। बबली दल्लीराजहरा में कुएं में गिर पड़ी थी, उसे मरणासन्ना अवस्था में लाया गया, काफी मेहनत के बाद उसमें सुधार आया था। वही बंटी को महासमुंद से लाया गया था। वर्तमान में दोनों की उम्र करीब चार साल की है।

    – दिल्ली के जुलॉजिकल पार्क ने नेशनल जू एथॉर्टी से पैंथर की मांग किया था। नेशनल जू एथॉर्टी से आदेश आया था उसके बाद बंटी और बबली को दिल्ली के जुलॉजिकल पार्क में दिया गया है। इसके बदले में उसने 50 काले हिरण दिया है।

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