Friday , 14 December 2018
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    पहले मैं भी हिंदी के विरोध में आंदोलनों में शामिल रहा- उपराष्ट्रपति

    पहले मैं भी हिंदी के विरोध में आंदोलनों में शामिल रहा- उपराष्ट्रपति

    रायपुर। उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में शामिल होने रायपुर पहुंचे। यहां सीएम डॉ. रमन सिंह, विधान सभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर चीफ सेक्रेटरी, डीजीपी समेत कई आला अधिकारी मौजूद थे। यहां से वे सीधे कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय पहुंचे। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति पारंपरिक वेश में नजर आए। कार्यक्रम में सीएम डॉ. रमन सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय और कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल भी मौजूद थे। उप राष्ट्रपति ने अपने उद्बोधन में कहा कि मां, मातृभाषा और जन्मभूमि को कभी नहीं भूलना चाहिए। हिंदी में अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा- पहले मैं भी हिंदी के विरोध में आंदोलनों में शामिल हुआ, लेकिन धीरे-धीरे बात समझ में आई। हमें अपनी मातृभाषा में ही बोलना, लिखना और चर्चा करनी चाहिए।

    देश के उपराष्ट्रपति के एक दिवसीय दौरे को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। उपराष्ट्रपति के आने वाले रूट पर 1200 जवानों की तैनाती की गई थी। इसमें से 600 राजपत्रित अधिकारी स्तर के थे। दीक्षांत समारोह का आयोजन यूनिवर्सिटी कैंपस की जगह साइंस कॉलेज के पास पं. दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में किया गया था।

    – उपराष्ट्रपति नायडू ने केटीयू के होने वाले तीसरे दीक्षांत समारोह में स्टूडेंट्स को डिग्री प्रदान की। दीक्षांत समारोह में इस बार 19 स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल दिया गया। पहली बार दीक्षांत में गाउन की जगह ब्वायज को कुर्ता-पायजामा और गर्ल्स को कोसा साड़ी पहनकर आने को कहा गया था। यूनिवर्सिटी का नाम लिखा साफा और गुलाबी कलर की पगड़ी पहनकर स्टूडेंट्स ने डिग्री ली। दीक्षांत में 2014-16 और 2015-17 के 23 स्टूडेंट्स को एम. फिल, 122 को स्नातकोत्तर और 104 को स्नातक की डिग्री दी गई। इसके साथ ही कार्यक्रम समाप्ति के बाद उप राष्ट्रपति करीब 12.30 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

     

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