Wednesday , 20 June 2018
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    राजस्थान: राजपा का भाजपा में विलय, 10 साल बाद किरोड़ी की घर वापसी, सीएम की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की

    राजस्थान: राजपा का भाजपा में विलय, 10 साल बाद किरोड़ी की घर वापसी, सीएम की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की

    जयपुर। दस साल तक भाजपा से दूर रहे पूर्व मंत्री व विधायक डॉ. किरोड़ीलाल मीणा की रविवार को घर वापसी हो गई। भाजपा मुख्यालय में सीएम वसुधरा राजे ने मिठाई खिलाकर किरोड़ी लाल मीणा को पार्टी में शामिल कराया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अशाेक परनामी के कहने पर किरोड़ी लाल उनकी पत्नी गोलमा देवी व सिकराय से विधायक गीता वर्मा ने मोबाइल पर मिस्ड कॉल देकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इससे साथ ही उनकी पार्टी राजपा (राष्ट्रीय जनता पार्टी) का भाजपा में विलय हो गया। राजपा का विलय होने के बाद किरोड़ी, उनकी पत्नी गोलमा और सिकराय विधायक गीता देवी भाजपा के विधायक कहलाए जाएंगे। हालांकि, आमेर से राजपा विधायक नवीन पिलानिया भाजपा मुख्यालय नहीं पहुंचे। जानिए पार्टी में शामिल होने के बाद क्या बोले किरोड़ी .

    – घर वापसी के बाद किरोड़ी ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार में सीएम अशोक गहलोत ने मुझे उदयुपर में एक आंदोलन के दौरान जिला बदर किया, अपमानित किया। यह ऐसी पार्टी है जिसका कोई भविष्य नहीं है, कोई दूरद्ष्टा नहीं है। मैं ऐसी कांग्रेस पार्टी में नहीं जाना चाहता था। किरोड़ी ने कहा, राजस्थान में कांग्रेस शक्ती केंद्रों की स्थापना कर रही है। मैं सीएम से गुजारिश करना चाहूंगा कि दिल्ली भेजने की बजाए मुझे राजस्थान में घूमकर कांग्रेस के इन शक्ति केंद्रों को ध्वस्त करने की जिम्मेदारी दें। मैंने अपने जीवन में अन्याय बर्दाश्त नहीं किया, सभी समाजों के जरूरतमंदों के साथ खड़ा रहा। इसके लिए 380 आंदोलन किए जिनमें करीब 103 मुकदमे राजनीतिक दुर्भावना के चलते दर्ज कराए गए, लेकिन विचारधारा से समझौता कभी नहीं किया।

    – किरोड़ी ने अपने राजनितिक जीवन की शुरूआत के बारे में भी बताया। किरोड़ी ने कहा, डाक्टर बनने के डेढ़ साल बाद मेरा भाजपा कार्यालय जाना हुआ। वहां चुनाव के टिकट बांटने का दौर चल रहा था। तभी भैरोसिंह शेखावत की नजर मुझ पर पड़ी। उन्होंने मुझसे चुनाव लड़ने के लिए कहा। इसके बाद मुझे महुआ से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़वाया गया। इस तरह मेरे राजनितक जीवन की शुरूआत हुई।

    पत्नी को लेकर चुटकी ली
    – एक दशक बाद बीजेपी में फिर से आए किरोड़ी ने कहा, मैं बिना किसी शर्त के पुराने घर में आया हूं, लेकिन मेरी पत्नी गोलमा के लिए यह नया घर था। चिंता थी कि बुढ़ापे में गोलमा मेरा साथ न छोड़ दें लेकिन उन्होंने साथ निभाया और मेरे साथ भाजपा में लौटीं।

    – वहीं गोलमा ने कहा, भाजपा में शामिल होना नए घर में आने जैसा है। इससे बहुत खुश हूं। सभी को शुभकामनाएं, सभी को राम-राम।

    – राजपा से विधायक रहीं गीता वर्मा ने कहा, किरोड़ी के मार्गदर्शन में भाजपा में सह सम्मान घर वापसी से काफी खुशी है।

    सीएम ने कहा आज आंखें भर आईं

    – सीएम वसुंधरा राजे ने किरोड़ी की भाजपा में वापसी पर खुशी जताते हुए कहा, किरोड़ी और गोलमा की दिल की भावनाएं सुनकर मेरी आंखों में आंसू आ गए और मैं भावुक हो गई थी। मैं इतना ही कहना चाहती हूं। हम पहले भी एक थे और आज भी एक हैं। आपका और हमारा दिल का रिश्ता है। हमारा सक्षम और बलवान भाई घर लौटकर आया जो पार्टी के साथ पार्टी के लिए हमेशा खड़ा रहेगा। इससे पार्टी में चार चांद लग जाएंगे।

    परनामी बोले कांग्रेस देख रही मुंगेरी लाल के सपने

    – भाजपा अध्यक्ष अशोक परनामी ने कहा कि कांग्रेस सत्ता में लौटने का मुंगेरी लाल के सपने देख रही है। अब किरोड़ी के भाजपा में लौटने पर यह सपना कभी पूरा नहीं हो सकेगा। लंबे राजनितिक करियर में कई संघर्ष किए और बीजेपी को राजस्थान में खड़ा कर आगे बढ़ाने का काम किया। आज घर वापसी से भाजपा को फिर से ताकत मिलेगी।

    ये मंत्री रहे मौजूद

    – राजेंद्र सिंह राठौड़, रामप्रताप, कालीचरण सराफ, मदन राठौड़, यूनुस खान, प्रभुलाल सैनी सहित कई विधायक मौजूद रहे।

    राज्यसभा में जा सकते हैं किरोड़ी

    – राजपा के विलय के बदले भाजपा किरोड़ी लाल को राज्यसभा में भेजेगी। उन्हें केंद्रीय कैबिनेट में मंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि, चर्चा यह भी है कि उनके तीन विधायकों में से एक राज्य मंत्रिमंडल में मंत्री बन सकता है।
    – भाजपा से अपने कॅरिअर की शुरुआत करके जातीय राजनीति के बलबूते खुद को बड़े नेता के तौर पर स्थापित कर चुके किरोड़ी लाल की घर वापसी के कयास लंबे समय से लगाए जा रहे थे। किरोड़ी के आने से भाजपा को उन 45 सीटों पर फायदा होगा, जिन पर पिछले चुनाव में राजपा का असर रहा है।
    शनिवार को ऐसे चला घटनाक्रम
    – सुबह 8 बजे सीएम से मिले, रात 10 बजे सहमति
    – राजपा के भाजपा में विलय को लेकर किरोड़ी की शनिवार को सीएम वसुंधरा राजे और भाजपा के मंत्रियों से 12 घंटे तक वार्ता चलती रही। रात तक मंथन।
    – किरोड़ी सुबह अपने भाई जगमोहन के साथ मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। यहां उनकी वसुंधरा से करीब एक घंटे तक बातचीत हुई।
    – दोपहर में किरोड़ी बातचीत के लिए जल संसाधन मंत्री रामप्रताप के घर पहुंच गए। यहां प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, पीडब्लूडी मंत्री यूनुस खान और कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी भी बातचीत में शामिल हुए। करीब 7 घंटे बैठक चली। रात पौने दस बजे बातचीत खत्म हुई।

    लौटने की वजह : मोदी-वसुंधरा इफैक्ट
    – किरोड़ी भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व से संपर्क में थे। मुख्यमंत्री वसुंधरा से भी उनकी बात चल रही थी। शाह-राजनाथ-जेटली से भी वे मुलाकात कर चुके थे। हाल ही वे दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मिले थे। डॉ. किरोड़ी को भाजपा में लाने के पीछे उपचुनाव में 3-0 की हार के गणित ने भी काम किया।

    इसलिए हुआ था भाजपा से ब्रेकअप
    – 2007 में जब गुर्जर आंदोलन खड़ा हुआ तो गुर्जरों को एसटी में शामिल करने की तैयारी को देखते हुए किरोड़ी ने भाजपा सरकार में मंत्री पद छोड़ दिया था। 2008 में किरोड़ी ने भाजपा छोड़कर निर्दलीय चुनाव लड़ा। पत्नी गोलमा को भाजपा के खिलाफ मैदान में उतारा। दोनों चुनाव जीते। उन्होंने पत्नी को तत्कालीन कांग्रेस सरकार में खादी ग्रामोद्योग मंत्री बनवाया।

    यहां दिखाएंगे असर
    – लालसोट, सिकराय, राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ और आमेर में पिछली बार राजपा के विधायक जीते थे। साथ ही थानागाजी, बस्सी, करौली, बसेड़ी, छबड़ा, नगर, पीपल्दा, बांदीकुई, टोडाभीम, सवाई माधोपुर, और महवा में राजपा प्रत्याशी दूसरे नंबर पर थे। यहां भाजपा को राजपा ने ही टक्कर दी थी। डॉ. किरोड़ीलाल की राजपा से भाजपा को कम, कांग्रेस को ज्यादा नुकसान हुआ था।

    45 सीटों पर इम्पैक्ट
    – 45 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां किरोड़ी ताकत रखते हैं। इनमें 44 सीटों पर एसटी का दबदबा है। 29 विधानसभा क्षेत्रों में जनसंख्या से लिहाज से मीणा समाज सबसे आगे है। बाकी जगह भी गरासिया, सहरिया सबसे ज्यादा हैं। पिछले चुनाव में राजपा ने 134 सीटों पर चुनाव लड़ा, 45 सीटों पर 5 हजार से 65 हजार तक वोट हासिल किए थे। और 4 जगह जीत हासिल की थी।

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