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    शपथ ग्रहण के विरोध में विधानसभा के बाहर कांग्रेस का धरना, सिद्धारमैया ने कहा- सभी 118 विधायक हमारे साथ

    शपथ ग्रहण के विरोध में विधानसभा के बाहर कांग्रेस का धरना, सिद्धारमैया ने कहा- सभी 118 विधायक हमारे साथ

    नई दिल्ली. कर्नाटक में तीन दिन से जारी सियासी उठा-पटक के बीच बीएस येदियुरप्पा ने गुरुवार सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। बीते 10 साल में ऐसा दूसरी बार हुआ है जब उन्होंने बहुमत बगैर शपथ ली है। सबसे बड़ी पार्टी भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन दिया था। एचडी कुमारस्वामी दो दिन में दो बार राज्यपाल से भी मिले थे। लेकिन गुजरात सरकार में वित्त मंत्री रह चुके और अब कर्नाटक के राज्यपाल वजूभाई वाला ने बुधवार रात 11 बजे बीएस येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता दिया। इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस-जेडीएस रात को ही सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। 2015 में याकूब मेनन की फांसी के बाद ऐसा दूसरी बार हुआ जब आधी रात को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। देर रात 2:10 बजे सुनवाई शुरू हुई। सुबह 4:20 पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल के फैसले पर रोक से इनकार कर दिया। उधर, कांग्रेस राज्यपाल के फैसले के खिलाफ विधानसभा के बाहर धरना दिया। इस दौरान सिद्धारमैया ने दावा किया कि जेडीए-कांग्रेस के सभी 118 विधायक हमारे साथ हैं। बता दें कि 1996 में जब देवेगौड़ा प्रधानमंत्री थे, तब उन्होंने गुजरात की सरकार भंग करने की सिफारिश राष्ट्रपति से की थी और उस वक्त वजूभाई वाला भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हुआ करते थे।

    येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का वक्त, कांग्रेस ने इसी को चुनौती दी

    – राज्यपाल ने येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का वक्त दिया है। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में इसी को चुनौती दी है।

    – कोर्ट इस मामले में गुरुवार को सुनवाई कर सकता है। शीर्ष अदालत ने भाजपा से राज्यपाल के न्योते वाली चिट्ठी मांगी है।

    – बता दें कि भाजपा विधानसभा चुनाव में 104 सीटें हासिल करके सबसे बड़ी पार्टी है, जबकि कांग्रेस (78 सीटें) ने जेडीएस (38 सीटें) को समर्थन दे दिया है।

    राज्यपाल के फैसले के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन

    – कांग्रेस के नव निर्वाचित विधायक ईगलटन होटल से विधानसभा भवन के सामने पहुंचे। वे राज्यपाल के फैसले के विरोध में धरने पर बैठे हैं। दिल्ली से भेजे गए पर्यवेक्षक गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे ओर सिद्धारमैया समेत पार्टी के अन्य नेता भी उनके साथ हैं।

    राहुल ने कहा- यह संविधान का मखौल है

    – येदियुरप्पा के शपथ लेने के करीब 15 मिनट पहले राहुल गांधी ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, “कर्नाटक में बहुमत बगैर भाजपा की सरकार बनाने की मांग बेतुकी है। यह संविधान का मखौल है।”

    तीसरी बार मुख्यमंत्री बने येदियुरप्पा

    पहली बार:12 नवंबर 2007 से 19 नवंबर 2007 (7 दिन)

    दूसरी बार: 30 मई 2008 से 31 जुलाई 2011 (3 साल 62 दिन)

    तीसरी बार:17 मई 2018

    दूसरी बार येदियुरप्पा ने बगैर बहुमत ली शपथ

    – येदियुरप्पा पहली बार 2004 में बहुमत के साथ मुख्यमंत्री बने थे। तब भाजपा (79 सीटें) ने जेडीएस (58 सीटें) के गठजोड़ से बहुमत हासिल कर लिया था। हालांकि, एक हफ्ते बाद ही यह करार टूट गया था।

    – दूसरी बार 2008 में भाजपा ने 110 सीटों पर जीत हासिल की। 6 निर्दलीय विधायकों के समर्थन से उन्होंने सरकार बनाई। हालांकि, बाद में भाजपा ने कांग्रेस और जेडीएस के 7 विधायकों को अपने पाले में आने के लिए राजी कर लिया। दल-बदल कानून से बचने के लिए इन विधायकों से इस्तीफा दिलाया गया। उपचुनाव हुए तो इन 7 में से 5 विधायक जीत गए।

    – इस बार भी भाजपा को सिर्फ 104 सीटों पर जीत मिली हैं।

    सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस-जेडीएस ने रखी ये दलीलें

    – सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस-जेडीएस की ओर से वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा “भाजपा के पास 104 विधायकों का समर्थन है और राज्यपाल ने येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता दिया। ये पूरी तरह असंवैधानिक है। यह कभी नहीं सुना गया कि 104 सीटें हासिल करने वाली पार्टी को 112 सीटों का बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन दिए जाएं। पहले ऐसे मामले में सुप्रीम कोर्ट 48 घंटे ही देता था।”
    – सिंघवी ने कोर्ट से राज्यपाल का फैसला रद्द करने या कांग्रेस-जेडीएस को सरकार बनाने का न्योता देने का आदेश देने की अपील की।
    – उन्होंने गोवा मामले का हवाला देते हुए कहा, “गोवा में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी थी फिर भी हमें सरकार बनाने से रोक दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी भाजपा के सरकार बनाने को सही ठहराया था।”

    सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- क्या वो राज्यपाल को रोक सकता है
    – कोर्ट ने सिंघवी से पूछा कि क्या सुप्रीम कोर्ट गवर्नर को किसी पार्टी को सरकार बनाने का न्योता देने से रोक सकता है? इस पर सिंघवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ये पहले भी किया है।
    – कोर्ट ने पूछा कि कर्नाटक में अभी किसका प्रभार है? सिंघवी ने जवाब में कहा कि केयरटेकर सरकार का।
    – सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “हम इस पर विचार कर रहे हैं कि क्या सुप्रीम कोर्ट राज्यपाल को रोक सकती है, जो राज्य में संवैधानिक निर्वात (वैक्यूम) का कारण होगा।”

    रोहतगी ने कहा- कोई शपथ ले लेता है तो कोई आसमान नहीं टूट पड़ेगा
    – भाजपा के वकील रोहतगी ने सुनवाई के दौरान कहा, “इस मामले में देर रात सुनवाई जरूरी नहीं है। यदि कोई शपथ ले लेता है तो आसमान नहीं टूट पड़ेगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केवल याकूब मेनन के मामले में देर रात सुनवाई की थी, क्योंकि वह फांसी दिए जाने का मामला था।”

    कांग्रेस-जेडीएस के 14 विधायक सदन से गैरहाजिर हो जाएं तो भाजपा के पास मौका

    कुल सीटें: 224

    2 सीटों पर मतदान नहीं हुआ इसलिए कुल सीटें: 222

    एचडी कुमारस्वामी 2 सीटों से जीते इसलिए सदन में कुल विधायकों की संख्या: 221

    अगर 14 विधायक फ्लोर टेस्ट के दौरान सदन से गैरहाजिर हो जाएं तो विधायकों की संख्या: 207

    सदन में विधायकों की संख्या 207 होने पर बहुमत का आंकड़ा: 104

    बहुमत का आंकड़ा भाजपा के पास: 104

    शक्ति परीक्षण के वक्त गैरहाजिर रहने वाले विधायकों पर हो सकती है कार्रवाई: सुभाष कश्यप, संविधान विशेषज्ञ

    – “सदन में उपस्थित सदस्यों की संख्या के आधार पर ही बहुमत तय होगा। किसी भी पार्टी का चुना हुआ सदस्य अगर बहुमत के समय सदन में गैरहाजिर रहता है या हाजिर होकर भी वोट नहीं देता या किसी दूसरे दल को वोट देता है तो इसे पार्टी के डायरेक्टिव या व्हिप का उल्लंघन माना जा सकता है। अगर उनकी पार्टी संबंधित सदस्य के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत करती है तो इस पर सुनवाई होती है। संबंधित पक्षों को अपना-अपना पक्ष रखना होता है। वकीलों की मदद भी ली जा सकती है। विधानसभा अध्यक्ष के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील भी की जा सकती है। हालांकि, जब तक यह मामला विचाराधीन रहता है सरकार को मिले मत को वैध माना जाता है।”

    मौजूदा स्थिति : भाजपा सबसे बड़ी पार्टी, बहुमत से 8 सीटें दूर

    – राज्य में कुल सीटें 224 हैं। बहुमत के लिए 113 जरूरी।

    – 2 सीटों पर मतदान बाकी है। इसलिए बहुमत का आंकड़ा 112 है।

    पार्टी 2018 2013 अंतर
    कांग्रेस 78 122 – 44
    भाजपा 104 40 +64
    जेडीएस+ 38 40 -2
    अन्य 02 22 -18

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