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साध्वी रेप केस में राम रहीम को 10 साल की सजा, अब सिर्फ कैदी नंबर 1997

साध्वी रेप केस में राम रहीम को 10 साल की सजा, अब सिर्फ कैदी नंबर 1997

रेप केस में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की सजा पर फैसला आ गया है। जज जगदीप सिंह ने साध्‍वियों से रेप केस मामले में डेरा प्रमुख राम रहीम को गुनहगार मानते हुए दस साल की सजा सुनाई है। डेरा प्रमुख ने सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने की बात कही है। राम रहीम को पंचकूला सीबीआई के जज जगदीप सिंह ने सजा सुनाई।
सूत्रों के मुताबिक, राम रहीम को रोहतक की सुनारिया जेल में एकान्त कारावास में रखा जाएगा। वहीं वह जेल के कपड़ों में ही सजा काटेगा। जज ने हेलीकॉप्टर में बाबा की बेटी हनीप्रीत को साथ लाने पर फटकार लगाई साथ ही दो सूटकेस लाने पर भी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद कोर्ट ने जेल से बाबा के दोनों सूटकेस मंगवाकर बाबा के वकील को दे दिए।

– सिरसा के आईजी ने प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि आज हिंसा की कोई घटना नहीं हुई। पुलिस और अर्द्धसैनिक बल फ्लैग मार्च कर रहे हैं। फोर्स की मुस्तैदी के चलते माहौल शांत है। लोग डेरे से निकल कर जा रहे हैं।

– राम रहीम को सजा सुनाए जाने के बाद पंचकूला और बरनाला में पुलिस का फ्लैग मार्च

रोहतक जेल को किले में तब्दील किया गया
राम रहीम को सजा, रोहतक में कड़ी सुरक्षा
– बताया जा रहा है कि राम रहीम सजा सुनाए जाने के बाद जमीन पर बैठ गया और रोने लगा। यह देखते हुए उसका मेडिकल चेकअप कराया गया, जिसमें बीपी और शुगर ठीक रही। उसके बाद राम रहीम को जबरन कोर्ट से बाहर ले जाया गया। जहां से जेल भेज दिया गया।
– दूसरी ओर, राम रहीम को सजा सुनाए जाने के बाद सिरसा के गांव पुलका में दो गाड़ियों को आग लगा दी गई। वहीं सिरसा में सेना का फ्लैग मार्च जारी है
– राम रहीम को सजा सुनाए जाने के बाद पूरा सच के संपादक छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति का बयान आया। उन्होंने कहा कि वे फैसले से खुश हैं। जब उन्होंने बाबा के खिलाफ आवाज उठाई, तब कोई भी मानने को तैयार नहीं था। अब कोर्ट ने साबित कर दिया है
राम रहीम को 25 अगस्त को दोषी करार दिया गया ​था
राम रहीम को साध्वी रेप केस में सजा
उल्लेखनीय है कि 15 साल पुराने साध्वी रेप केस में राम रहीम को 25 अगस्त को दोषी करार दिया गया ​था। उस दिन पंचकूला में लाखों की संख्या में डेरा प्रेमी जुटे। फैसला आते ही वे सभी भड़क गए। फिर पंचकूला, पंजाब और अन्य राज्यों में भारी हिंसा और उपद्रव हुआ। हिंसा में 38 लोग मारे गए। 263 लोग घायल हुए।

32 लोगों की मौत पंचकूला और छह की मौत सिरसा में हुई। सिरसा में मारे गए सभी लोगों की पहचान कर ली गई है। जबकि पंचकूला में मारे गए लोगों में 24 की पहचान हुई है। 20 लोगों की लाशें उनके परिजनों को सौंप दी गई हैं। इनमें नौ पंजाब के, दस हरियाणा और एक राजस्थान के थे। बहरहाल हरियाणा में पिछले 24 घंटे के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है।

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