Tuesday , 25 September 2018
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    हजारों बेरोजगारों से करोड़ों की ठगी, दिल्ली से पकड़ाए चार ठग

    हजारों बेरोजगारों से करोड़ों की ठगी, दिल्ली से पकड़ाए चार ठग

    रायपुर। दिल्ली में प्लेसमेंट एजेंसी की आड़ में ठगी की दुकान चलाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भांडाफोड़ हुआ है। गिरोह के चार सदस्यों को रायपुर पुलिस ने दिल्ली में घेराबंदी कर गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। इस गिरोह ने छत्तीसगढ़ समेत देशभर के 15 से अधिक राज्यों के हजारों बेरोजगारों से करोड़ों रुपये की ठगी की है।

    एजेंसी के दफ्तर से जब्त लैपटॉप, मोबाइल, रजिस्टर और दस्तावेजों से खुलासा हुआ कि रोज 50 से अधिक बेरोजगारों को नौकरी, रजिस्ट्रेशन व प्रशिक्षण के नाम पर पैसे ऐंठकर एक महीने के भीतर कॉल लेटर भेजने का झांसा देते थे।

    मंगलवार शाम एडिशनल एसपी क्राइम दौलत राम पोर्ते, डीएसपी क्राइम अभिषेक माहेश्वरी ने पुलिस कंट्रोल रूम में अंतरराज्यीय गिरोह का राजफाश किया। उन्होंने बताया कि ठगी के शिकार राहुल कुमार समहर ने आमानाका थाने में शिकायत की थी।

    राहुल ने जानकारी दी कि क्विकर, ओएलएक्स में विज्ञापन देखकर उसने नौकरी के लिए आवेदन किया था। कुछ दिनों बाद क्विकर से उसके मोबाइल पर मैसेज भेजा गया, जिसमें एक नंबर पर संपर्क करने कहा गया। नंबर पर कॉल करने पर दिल्ली बुराडी के राजकुमार ने रिसीव किया।

    उसने खुद को टेकजोन प्लेसमेंट एजेंसी का कर्मचारी बताते हुए दिल्ली आकर फार्म भरने के लिए कहा। नौकरी के लालच में राहुल ने दिल्ली के जगतपुर रोड संगम विहार स्थित एजेंसी के दफ्तर में जाकर कागजी कार्रवाई पूरी की।

    पंजीयन शुल्क के नाम पर उससे 2610 रुपये और बायोडाटा लेकर उसे एक सप्ताह के भीतर सैंमसंग कंपनी में नौकरी के लिए कॉल लेटर भेजने का आश्वासन दिया गया, किंतु सप्ताह भर बाद भी कॉल लेटर नहीं आया तो राहुल ने कॉल कर जानकारी ली।

    उसे महोवाबाजार स्थित एजेंसी के एसोसिएट्स में जीपी गुप्ता से ट्रेनिंग दिलाने और शुल्क पांच हजार की मांग की। पैसे देने के बाद भी न तो नौकरी मिली और न ट्रेनिंग। कई बार संपर्क करने पर टालमटोल किया जाता रहा। बाद में सैमसंग कंपनी से मैसेज भेजा गया कि ज्वाइनिंग निरस्त कर दी गई है।

    जानकारी लेने पर सत्यप्रकाश ने बताया कि रायपुर दफ्तर में फार्म नहीं भेजने की वजह से ज्वाइनिंग निरस्त की गई है लिहाजा नौकरी चाहिए तो 52 सौ रुपये दोबारा जमा करने होंगे। तब राहुल को ठगे जाने का एहसास हुआ।

    एक सप्ताह की रेकी बाद हाथ आए

    राहुल की शिकायत पर धोखाधड़ी का केस दर्ज होते ही पुलिस टीम दिल्ली पहुंची। एक सप्ताह तक प्लेसमेंट एजेंसी के बारे में पूरी जानकारी हासिल करने पर जब यह साबित हो गया कि एजेंसी की आड़ में ठगी की दुकान चलाई जा रही है, तब टीम ने वजीराबाद तिमारपुर नार्थ दिल्ली के एजेंसी संचालक अमित कुमार मिश्रा (30), संतनगर, बुराड़ी दिल्ली में रह रहे मूलतः बिहार के शिवहर जिले के नारायणपुर निवासी विमलेश कुमार(28), पंजाब के कागिलका जिले के रामपुर(अभोर) के धमेंद्र कुमार(23) तथा अमेठी जिले के ग्राम भादर, पीपरपुर के राजकुमार मौर्य(26) को गिरफ्तार कर लिया।

    इन राज्यों में फैला रखा था जाल

    पूछताछ में ठगों ने बताया कि छत्तीसगढ़ समेत राजस्थान, मप्र, ओडिशा, हरियाणा, उप्र, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, महाराष्ट्र समेत 15 राज्यों में एसोसिएट्स खोलकर बेरोजगारों से ठगी करते थे। तीन माह एजेंसी चलाने के बाद नाम व पता बदल देते थे। सोशल साइट क्विकर, ओएलएक्स में हर महीने ढाई लाख रुपये का एड देकर वे एजेंसी का प्रचार-प्रसार करते थे ताकि बेरोजगार आसानी से झांसे में आ सके।

     

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