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    CG : MBBS छात्रों का झटका, लौटानी होगी बांड व स्कॉलरशिप की राशि

    CG : MBBS छात्रों का झटका, लौटानी होगी बांड व स्कॉलरशिप की राशि

    रायपुर । प्रदेश के तीन शासकीय मेडिकल कॉलेजों के 300 से अधिक पास-आउट छात्रों (डॉक्टर्स) को बांड की राशि के साथ- साथ स्टाइपेंड की राशि लौटानी होगी। वर्ग विशेष के छात्रों को स्कालरशिप की राशि भी लौटानी होगी। ये सभी छात्र साल 2012 और 2013 बैच के हैं, जिन्होंने नियमानुसार दो साल की ग्रामीण सेवा नहीं की है। शासन के आदेश को न मानते हुए छात्रों ने नियम को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी। छात्रों की तरफ से दलील दी गई कि हम बांड की राशि लौटाएंगे, स्टाइपेंड और स्कालरशिप की राशि जमा कर देंगे।

    विभाग ने कहा- अगर छात्र ग्रामीण सेवा में नहीं जाएंगे तो इससे ग्रामीण सेवा का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। नियमों की अवहेलना होगी। इसलिए नियम बनाए गए। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहासभी छात्रों को नियम का पालन करना होगा।

    शासन द्वारा निर्धारित राशि लौटानी होगी। सूत्र बताते हैं कि कोर्ट ने फैसला सुना दिया है, लेकिन अभी तक इसकी कॉपी पर विभाग ने आदेश जारी नहीं किया है। कोर्ट में विभाग का पक्ष रखने वाले सिम्स के प्रोफेसर डॉ. लखन सिंह का कहना है कि फैसले पर अमल होगा।

    इतनी राशि करनी होगी जमा 

    सामान्य वर्ग छात्रों के लिए

    बांड की राशि पांच लाख रुपए के साथ-साथ इंटर्नशिप स्टाइपेंड की राशि आठ हजार रुपए के हिसाब से बारह महीने की राशि 96 हजार रुपए। कुल 5.96 लाख रुपए। इन्हें स्कालरशिप नहीं मिलती है।

    ओबीसी छात्रों के लिए

    ओबीसी छात्रों के लिए बांड की राशि तीन लाख रुपए थी, इसके साथ ही इन्हें स्टाइपेंड की राशि 96 हजार रुपए जमा करनी होगी। जो कुल 3.96 लाख रुपए होती है। इन्हें स्कालरशिप 25 हजार रुपए मिली थी।

    एसटी/एससी छात्रों के लिए

    इस कैटेगरी के छात्रों के लिए भी बांड की राशि तीन लाख रुपए थी, स्टाइपेंड की राशि इनकी भी 96 हजार रुपए मिली। स्कालरशिप की राशि 50 हजार रुपये होती है।

    2017 से बढ़ा दी गई बांड की राशि

    तीन लाख और पांच लाख बांड की राशि कम थी, जिसे छात्र जमा करके ग्रामीण सेवा से मुक्ति पा जा रहे थे। यही वजह थी कि साल 2017 में राज्य शासन ने सामान्य वर्ग के लिए बांड की राशि 25 लाख और एसटी एससी कैटेगरी छात्रों के लिए 20 लाख कर दी। इतनी राशि जमा करना मुश्किल है।

    शासन के खाते में जमा होंगे करोड़ों रुपए

    एक सामान्य वर्ग के छात्र को 5.96 लाख रुपए जमा करने होंगे, जबकि ओबीसी छात्रों को 3.96 लाख और एसटी एससी के छात्रों को 5.70 लाख रुपए। इससे शासन के खजाने में करोड़ रुपए जमा होंगे। जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ खजाना भरने की बात नहीं है, नियमों का पालन हो, इसलिए सख्ती की गई है।

    जरूरी है ग्रामीण सेवा

    कोर्ट का आदेश प्राप्त हुआ है, स्कालरशिप की राशि लौटाने का आदेश है। इस संबंध में फैसले की कॉपी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया होगी। ग्रामीण सेवा अनिवार्य है, प्रावधान इसलिए किया गया है ताकि स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर्स की कमी को दूर किया जा सके। छात्र भी वहां जाकर अनुभव हासिल करते हैं।

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